Lakh koshishen kar lo ab
Na padh paoge tum mujhe
Bheege huye pannon par likhi
Ibarat ki tarah Badrang hote-hote
Mit Gaye hain hum..
लाख कोशिशें कर लो अब
तुम मुझे ना पढ़ पाओगे कभी
भीगे हुए पन्नों पर
लिखी इबारत की तरह
बदरंग होते-होते
मिट गए हैं हम....
सुनीता शर्मा दुबे
०९-०८-२०१६
Na padh paoge tum mujhe
Bheege huye pannon par likhi
Ibarat ki tarah Badrang hote-hote
Mit Gaye hain hum..
लाख कोशिशें कर लो अब
तुम मुझे ना पढ़ पाओगे कभी
भीगे हुए पन्नों पर
लिखी इबारत की तरह
बदरंग होते-होते
मिट गए हैं हम....
सुनीता शर्मा दुबे
०९-०८-२०१६
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